घाटे के बाद.. 2019 में शुरू की सीजनल खेती, अब बंपर हो रहा है उत्पादन…

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किसान ब्रह्मदेव चौधरी ने बताया कि पूर्वज भी कृषि कार्य से ही जुड़े हुए थे. घर में आय का एकमात्र स्त्रोत खेती ही थी. जिसके चलते बचपन से ही खेती के कार्यो में जुटे रहे. उतनी कमाई नहीं हो पाती थी कि उच्च शिक्षा हासिल कर पाते, इसलिए प्रारंभिक पढ़ाई के बाद के खेती पर ही फोकस करना शुरू कर दिया.

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