बिहार के पटवा टोली बुनकरों की कैसे बदली जिंदगी? आज हर घर में है इंजीनियर

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20 से 25 साल पहले पटवा टोली के बुनकरों की स्थिति काफी दयनीय थी और इसी से उनकी रोजी-रोटी चलती थी. लेकिन धीरे-धीरे यहां के बुनकरों ने अपने बच्चों को पढ़ाना शुरू किया और नतीजा यह हुआ कि आज यहां हर घर में इंजीनियर हैं.

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