मौत के बाद साथ जाता है ये वस्त्र, जो बुनता है वो पहनता नहीं, जो पहनता है वो…

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Antim Yatra : बिहार के मिनी मेनचेस्टर के नाम से मशहूर मानपुर के पटवा टोली और शिवचरण लेन में बड़े पैमाने पर पीतांबरी बनाया जाता है. गयाजी पूरी दुनिया में न केवल पितरों की मोक्ष स्थली है, बल्कि यहां कई ऐसे उद्योग भी हैं जो राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पहचान दिलाते हैं. पटवा टोली बिहार में पीतांबरी बनाने वाला एक मात्र स्थान है. यहां की पीतांबरी बिहार के साथ-साथ झारखंड, पश्चिम बंगाल के लोगों की जीवन की अंतिम यात्रा में साथ निभाता आ रहा है.

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